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Removal of Ban on Tik Tok app – आप फिर से बना पाएंगे TikTok, जानें ऐप पर लगे बैन की पूरी कहानी (Relevant for GS Prelims & Mains Paper III; Science & Technology)

TikTok पर मद्रास हाईकोर्ट से बैन लगने के बाद कंपनी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोर्ट ने ऐप पर बैन लगाते हुए इसे Google Play Store और Apple App Store से बैन कर दिया था। लेकिन अब यह बैन हट चुका है। कोर्ट ने TikTok के अंतरिम बैन को अब हटा दिया है। TikTok ने कोर्ट से कहा है कि पिछले 7 महीनों से किसी भी तरह के अभद्र कंटेंट को प्लेटफॉर्म से रीमूव करने के लिए कंपनी कई तरीके लागू कर रही है। साथ ही यह ऐप किसी तरह के कानून का उल्लंघन नहीं करती है। आपको बता दें कि कोर्ट ने अभी केवल अंतरिम बैन हटाया है। TikTok फिलहाल अपने प्लेटफॉर्म को बिना किसी रूकावट के ऑपरेट कर सकती है। यहां हम आपको TikTok पर लगे बैन से संबंधित पूरी कहानी बता रहे हैं।

जानें मद्रास हाईकोर्ट ने क्या कहा है?
मद्रास हाईकोर्ट ने TikTok पर से अंतरिम बैन को हटा दिया है। कोर्ट की बेंच ने कहा है कि वो बच्चों को साइबर अपराध से बचाने में रुचि रखता था। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि साइबर स्पेस में बच्चों की सुरक्षा के लिए भारत के पास US COPPA जैसा कानून नहीं है।

इससे पहले क्या हुआ था?
मद्रास हाईकोर्ट ने भारत में TikTok पर अंतरिम बैन लगाया था। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि यह प्लेटफॉर्म अश्लील कंटेंट को प्रमोट कर रहा था। इसी के चलते TikTok के डाउनलोड्स पर कोर्ट ने बैन लगा दिया था। इसे Google Play Store और Apple App Store से डाउनलोड करने पर कोर्ट ने बैन किया था।

TikTok प्ले स्टोर पर क्यों नहीं है उपलब्ध?
वैसे तो कोर्ट ने इस ऐप पर से बैन हटा दिया है। इस बैन को 24 अप्रैल को हटाया गया है। ऐसा हो जाने के बाद, सरकार को इस मामले को लेकर Google और Apple को आधिकारिक तौर पर सूचित करना होगा। यानी सरकार Google और Apple से इस ऐप पर से प्रतिबंध हटाने के लिए कहा जाएगा। इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है और यही वजह है कि फिलहाल यूजर्स इस ऐप को अभी तक ऐप स्टोर से डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं।

TikTok ने खुद का कैसे किया बचाव?
TikTok ने कहा कि बिना कंपनी की बात सुने कोर्ट ने उसकी ऐप पर बैन लगा दिया। कंपनी ने दावा किया है कि उनके पास एक ऐसी तकनीक है जो किसी भी तरह के गलत या अश्लील कंटेंट को ऑनलाइन जाने से रोकती है। TikTok इस तकनीक को कम्यूनिटी गाइडलाइन्स को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा कंपनी के वकील ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है कि कंपनी संविधान के मानदंडों का पालन नहीं कर रही है।

TikTok का क्या होगा अगला कदम?
जब इस बैन को हटाया गया तो TikTok ने कहा कि वो इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखेगी कि उसके प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह का गलत या अश्लील कंटेंट न जाए। साथ ही चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से संबंधित कंटेंट को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। TikTok ने आधिकारिक बयान में कहा है, “हम इस निर्णय को सुनकर बहुत खुश हैं। हम इस बात के आभारी है कि हमें अपने यूजर्स को बेहतर सर्विस देने का दोबारा मौका मिला है। हम इस बात से खुश हैं कि हमारे प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ने के हमारे प्रयासों को मान्यता दी गई है।”

TikTok के बैन को लेकर दर्ज की थी याचिका:
TikTok को बैन करने के पीछे का कारण यह रहा था की इस ऐप के खिलाफ याचिका दायर किया गयी थी। इस याचिका में कहा गया था की इस ऐप में हमारी संस्कृति को अपमानित किया जा रह है। इसी के साथ ऐप में कंटेंट के सब्जेक्ट को लेकर भी कुछ परेशानी थी। TikTok पर यह आरोप भी लगाया गया था कि वो यूजर्स की प्राइवेसी पॉलिसी का उल्लंघन भी कर रहा है। इससे ऐप को इस्तेमाल करने वाले काम उनर के बछ्कों पर गलत असर पड़ रहा था। इस याचिका में एक उदाहरण भी दिया गया था जिसके मुताबिक, कुछ बच्चों ने ऐप के कारण आत्महत्या कर ली। इसमें दावा किया गया था कि इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले बच्चे सुरक्षित नहीं हैं।

(Adapted from Jagran.com)

अभिलेखागार
  • October 2019 (66)
  • September 2019 (109)
  • August 2019 (104)
  • July 2019 (104)
  • June 2019 (93)
  • May 2019 (144)
  • April 2019 (200)
  • March 2019 (225)
  • February 2019 (207)
  • January 2019 (132)
  • December 2018 (142)
  • November 2018 (114)
  • October 2018 (119)
  • September 2018 (135)
  • August 2018 (130)
  • सामान्य अध्ययन


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